आधे चेहरे का लकवा क्यों होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 2nd Dec 2022 : 08:54

Facial Paralysis: चेहरे के एक तरफ लकवा मार जाने के पीछे हो सकते हैं ये 4 कारण-

चेहरे की नसों में खराबी आने पर मसल्स कमजोर हो जाती हैं या पूरी तरह काम करना बंद कर देती है। इससे मसल्स पैरालाइज होने से चेहरे पर लकवा जाता है। पेशेंट्स को बोलने, खाने और पीने में दिक्क्त होती है।

1. डॉक्टर के मुताबिक वायरल इन्फेक्शन की वजह से भी मुंह एक तरफ से टेढ़ा होने लगता है।

2. 90 फीसद मामलों में देखा गया है कि चेहरे पर लकवा हरपीज इन्फेंक्शन की वजह से होता है। यह इन्फैक्शन चिकनपॉक्स जैसा होता है। ।

3. कान के अंदर मवाज भरने से भी बेल्स पाल्सी की परेशानी होती है।

4. सिर पर चोट लगने के कारण चेहरे पर लकवा होता है। कान के अंदर चोट लगने से खून निकलता है और क्लॉट बन जाता है तब भी यह परेशानी हो सकती है।

चेहरे पर कमजोरी के अन्य लक्षण

1.रामसे हंट सिंड्रोम

रामसे हंट सिंड्रोम एक तरह का वायरल इन्फेक्शन है। इसमें कान के आसपास दर्द होता है। इसके अलावा अन्य कपालीय तंत्रिकाएं प्रभावित हो सकती हैं। जिससे सुनने की क्षमता जाना और सुन्नपन की समस्या हो सकती है।

2.स्ट्रोक

बेल्स पाल्सी में चेहरे पर धीरे-धीरे लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन स्ट्रोक में अचानाक चेहरे की एक तरफ की शक्ति जा सकती है। इसमें हाथों को सिर के ऊपर उठाने में दिक्कत होती है। स्ट्रोक का प्रमुख कारण है कि चेहरे को नियंत्रित करने वाली मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यह ऑक्सीजन की कमी या अधिक खून बहने या चोट लगने के कारण क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।

3.खोपड़ी में फ्रैक्चर

चेहरे पर कमजोरी खोपड़ी में फैक्चर में के काऱण भी हो सकती है। कान के बीच वाला हिस्सा जिस नस से जुड़ा होता है वह खोपड़ी से जुड़ा होता है। चेहरे की नर्व इस हड़्डी से जाती है जिससे चेहरे पर कमजोरी होती है।

4.गर्दन में चोट

गर्दन के ऊपर वाले हिस्से पर चोट लगने से चेहरे पर कमजोरी होती है।

5.कान की बीमारी

कान में विशेषतौर पर कान के बीच वाले हिस्से में सूजन होने से चेहरे पर कमजोरी होती है।

6.कान की सर्जरी

कान में अगर सर्जरी हुई है तो उससे भी चेहरे को परेशानी हो सकती है।

7.बैक्टीरियल संक्रमण

कीट के काटने से लाइम रोग हो जाता है। जो चेहरे की मांसपेशियों में कमजोरी ला सकता है। चेहरे पर लकवा कोई लाइलाइज बीमारी नहीं है। इसके शुरूआती लक्षण दिखने पर डॉक्टरी मदद से इस बीमारी से निजात पाई जा सकती है। डॉक्टरों का मानन है कि घर पर एक्सरसाइज करके भी इसे ठीक किया जा सकता है। यह बीमारी मस्तिष्क की नस की सिकुड़ने या अधिक तनाव की वह से होती है। इसलिए अधिक तनाव न लें और पेरशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।

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